आयुर्वेद के अनुसार क्या है सरसों के तेल के फायदे ।

आयुर्वेद के अनुसार क्या है? सरसों के तेल के फायदे ।

आयुर्वेद के अनुसार सरसों के तेल को स्वर्ण माना गया है । भारत में उपजी प्राचीन चिकित्सा प्रणाली, जिसका इतिहास हजारों वर्ष पुराना है । जो जन स्वास्थ्य के कल्याण के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं । आयुर्वेद के अनुसार सरसों के तेल का महत्व बताया गया है, जिसे कई स्वास्थ्य लाभ के उपचार के रूप में प्रयोग किया जाता है।

सरसों के तेल में औषधीय गुण होते हैं । खाना बनाने के लिए सरसों का तेल लगभग सभी घरों में पाया जाता है । खाना बनाने के साथ-साथ यह कई तरीकों से हमें लाभ पहुंचाता है । इसके अनगिनत लाभों और दैनिक जीवन में इसके उपयोग के तरीकों के बारे में आज हम विस्तार से चर्चा करेंगे।

आयुर्वेद के अनुसार सरसों के तेल का क्या महत्व है ?

हमारे आयुर्वेदिक ग्रंथों में सरसों के तेल का उल्लेख मिलता है। ‘अथर्ववेद’ में हर पदार्थ का निदान उसके जैविक या दोष (वात, पित्त और कफ) के आधार पर बताया गया है। सरसों के तेल में तीखा (कटु) स्वाद और उष्ण (गर्म) तासीर होती है। ये गुण इसे विशेष रूप से कफ और वात दोषों को संतुलित करने में प्रभावी बनाते हैं। हालांकि, पित्त प्रकृति वाले व्यक्तियों या गर्मी के मौसम में इसका सेवन सावधानी से या कम मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि यह पित्त को बढ़ा भी सकता है।
सरसों का तेल ओमेगा-3 फैटी एसिड, मोनो-अनसैचुरेटेड फैट्स (MUFA), और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो इसे आधुनिक पोषण विज्ञान में भी एक स्वस्थ विकल्प बनाता है।

सरसों के तेल के अद्भुत लाभ

सरसों के तेल का प्रयोग केवल खाना पकाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक प्राकृतिक दवा के रूप में भी काम करता है।

दर्द निवारक और सूजन-रोधी गुण

सरसों का तेल एक उत्कृष्ट प्रकार का प्राकृतिक दर्द निवारक पदार्थ है। इसकी गर्म तासीर और सूजन-रोधी गुणों के कारण यह जोड़ों के दर्द, गठिया और मांसपेशियों के दर्द से भी राहत दिलाने में मदद करते हैं। नियमित रूप से शरीर पर मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे दर्द और सूजन कम हो जाती है। इसके अलावा आप सरसों के तेल में लहसुन, मेथी या अजवाइन आदि को डालकर, गर्म कर मालिश कर सकते है । एक सदियों पुराना एक प्रभावी घरेलू उपाय है। जो आज भी लगभग सभी घरों पर किया जाता हैं।

पाचन स्वास्थ्य में सुधार

आयुर्वेद के अनुसार, सरसों के तेल का तीखापन और उष्ण गुण पाचन अग्नि (जठराग्नि) को उत्तेजित कर देता हैं, जिससे पाचन तंत्र बेहतर होता है। यह चयापचय (मेटाबोलिज्म) में सुधार करता है, और वजन घटाने में सहायक होता है। खाली पेट इसकी कुछ बूंदों का सेवन करने से पेट साफ रहता है और कब्ज से कुछ राहत भी मिल सकती है।

सर्दी संबंधी समस्याओं में राहत

इसकी गर्म प्रकृति के कारण, सरसों का तेल सर्दीयो में प्रयोग किया जा सकता है । सर्दी, खांसी, जुखाम के लिए यह एक अचूक और प्रभावी उपाय है। सरसों के तेल से छाती और पीठ पर मालिश या गर्म तेल की भाप लेना श्वसन मार्ग को साफ करने और राहत प्रदान करने में मदद करता है।

हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

सरसों का तेल ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड से भरपूर होता है, जो हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। सीमित मात्रा में इसका सेवन से हृदय रोगों के जोखिम को कम किया जा सकता है।

आयुर्वेद के अनुसार क्या है सरसों के तेल के फायदे ।

त्वचा और बालों का पोषण

सरसों का तेल त्वचा और बालों के लिए भी अत्यंत गुणकारी है।
त्वचा के लिए: इसके जीवाणुरोधी (एंटीबैक्टीरियल) और एंटीफंगल गुण मुँहासे, त्वचा संक्रमण और जलन के इलाज में प्रभावी बनाते हैं। यह विटामिन ई से भरपूर होता है, जो त्वचा को नमीयुक्त (हाइड्रेट) करने और रंगत निखारने में मदद करता है।
बालों के लिए: यह तेल बालों को बढ़ाने में मदद करते है, इसके अलावा इसे रूसी, खुश्की और सिर के अन्य संक्रमणों से बचाता है, और बालों को समय से पहले सफेद होने से भी रोकता है।

सरसों के तेल का दैनिक जीवन में उपयोग के तरीके

खाना पकाने: उत्तर भारत में यह पारंपरिक रूप से खाना पकाने के लिए उपयोग किया जाता है।
मालिश: नहाने के बाद शरीर की मालिश के लिए इसका प्रयोग कर सकते है यह त्वचा की नमी को बनाये रखता है ।
नस्य (Nasyam): आयुर्वेदिक पंचकर्म चिकित्सा में, नाक में तेल की कुछ बूँदें डालना श्वसन संबंधी समस्याओं और सिरदर्द में मदद करता है।
नाभि में तेल लगाना: सोने से पहले नाभि में दो बूँद सरसों का तेल डालने से त्वचा सुंदर और चमकदार बनती है ।

सावधानियां

सरसों का तेल फायदेमंद है, लेकिन किसी भी चीज़ की अति नुकसानदायक हो सकती है। गर्मियों में इसका उपयोग कम करें यदि आपकी पित्त प्रकृति है। अधिक मात्रा में सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

निष्कर्ष:-


आयुर्वेद में सरसों का तेल सिर्फ एक खाद्य तेल नहीं, बल्कि यह गुणों का खजाना है। इसके औषधीय गुण इसे ‘अमृत’ बनाते हैं, जो शरीर को निरोग रखने में मदद करता है। सही मात्रा और सही तरीके से उपयोग करने पर, सरसों का तेल हमारे शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

FAQ

हमने इस पोस्ट में यह बताने का प्रयास किया है कि आयुर्वेद के अनुसार क्या है? सरसों के तेल के फायदे क्या है । आशा है आपको इस प्रश्न का उत्तर अवश्य मिल गया होगा, इस पोस्ट को सिर्फ़ पढ़ें ही नहीं, बल्कि इसे अन्य लोगों के साथ शेयर भी करें, ताकि वह भी इन फायदो का लाभ उठा सके। इसी तरह की स्वास्थ्य संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए jeevanmatters.com से जुड़े रहे ।

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