जब हम अपने आस-पास देखते हैं तो हमें अक्सर दूसरे लोग खुद से बेहतर दिखते हैं,और हम खुद से यह सवाल पूछते हैं? कि आखिर मुझ में इतनी कमियां क्यों है । आपके भीतर कोई भी कमी नहीं है । यह कमी आपके घर -परिवार, परवरिश और समाज द्वारा आपके भीतर डाली गई है, जिसकी बागडोर कभी भी आपके हाथ में नहीं थी ।
सिर्फ इतना भर जवाब देने से इस सवाल की पुष्टि नहीं होती बल्कि हमें इस सवाल की गहराई में जाना होगा ।
मुझ में इतनी कमियां क्यों है?इसके साथ कई सवाल हमारे भीतर पनपते है जो कुछ इस प्रकार हैं ।
मैं पढ़ाई में कमजोर क्यों हूँ
हो सकता है आप पढ़ाई में कमजोर हो, लेकिन उसके लिए आपको खुद को छोटा महसूस नहीं करना है । आपको ऐसा नहीं लगना चाहिए कि आपके अंदर कोई कमी है क्योंकि ऐसे और भी बच्चे होंगे, जो पढ़ाई में उतने बेहतर नहीं है लेकिन वह आत्मविश्वास से भरे हुए हैं । इसलिए यदि आप पढ़ाई में कमजोर है, तो आपको मेहनत करनी है । आपको समाज के साथ खुद का मिलान नहीं करना है । ना ही पढ़ाई में बहुत होशियार होना है । आपको बस अपनी लय में चलना है, और पढ़ाई को बोझ ना समझकर,सीखने के एटीट्यूड से पढ़ना है । खुद को स्वतंत्र छोड़े और देखें कैसे सब कुछ सहजता के साथ होने लगता है ।
मैं दिखने में कम क्यों हूँ ।
यदि आप दिखने में आकर्षक नहीं हो, तो इसमें आपकी बिल्कुल भी कोई गलती नहीं है । आपको खुद को छोटा समझने की जरूरत नहीं है । हमारा रूप-रंग, नैन-नक्शा हमे हमारे जीन के हिसाब से मिलता है, जिस पर हमारा कोई भी कंट्रोल नहीं है । इसलिए इन बातों को भूलकर खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से कैसे स्वस्थ रखना है, इस पर ध्यान दें । अपने व्यवहार को बेहतर बनाये , दूसरे व्यक्ति का सम्मान करे । लोग सम्मान देने वाले व्यक्तियों को पसंद करते हैं । खुद के जीवन को मूल्य देना और खुद से प्यार करना अत्यंत आवश्यक है ।
मैं अमीर क्यों नहीं हूँ ।
गरीब होना कोई अच्छी बात नहीं है । गरीब लोग अक्सर खाने -पीने, अच्छे कपड़े और अच्छे घर से वंचित रह जाते हैं । आप गरीब पैदा हुए हैं लेकिन अब आगे नहीं कर सकते, ऐसा भी विधान में कुछ नहीं लिखा है । यदि आप अपनी स्थिति को बदलना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने मन की स्थिति को बदले । खुद को कमजोर समझना बंद कीजिए, और अपना पूरा ध्यान अपने काम पर दीजिए । अपने पूरे दिन पर नजर रखिए कि पूरे दिन भर आप क्या करते हैं । जीवन को बदलने की एप्रोच रखिए । इसी अप्रोच के कारण, आप एक दिन जीवन को बदल देंगे और एक अच्छी जिंदगी जी पाएंगे ।
मैं इतना बेवकूफ क्यों हूँ ।
अक्सर लोग खुद को बेवकूफ समझते हैं, उन्हें लगता है वह दुनियादारी के बारे में कुछ नहीं जानते । लेकिन ऐसा नहीं है आप सब जानते हो । पर इस दुनिया के साथ रहना कैसे है, यह आपको नहीं आता । इसलिए अपने आप को बेवकूफ समझना बंद कीजिए । आपके अंदर बहुत पोटेंशियल है, अपने उस पोटेंशियल को खोजिए और खुद को पूरी तरीके से अपने काम में डुबो दीजिए । नई-नई जानकारियां प्राप्त कीजिए जिससे कि आप दुनिया में क्या चल रहा है जान सके । इसके अलावा आप किताबों का भी सहारा ले सकते हैं, कि ह्यूमन ब्रेन कैसे काम करता है । हमारा खुद को बेवकूफ समझना भी बाहर से थोपा गया होता है । तो इस थोपी हुई चीजों को खुद से बाहर निकाल फेंक दे ।
मैं लोगों से डर क्यों जाता हूँ ।
हम लोगों को देखकर डर जाते हैं, हमें लगता है सामने वाला हमसे बेहतर है या सामने वाला हमसे ज्यादा खुश है । लेकिन यकीन मानिए आप कुछ नहीं जानते । आप किसी की जिंदगी के बारे में बाहर से देखकर नहीं बता सकते, कि वह आपसे बेहतर है या नहीं । इसलिए अपने आप को इस डर से मुक्त कर दे और स्वतंत्र जीवन जीए । जैसे हम मनुष्य है दूसरा भी एक मनुष्य है तो हमें उनकी किसी भी चीज के आगे कभी भी झुकना या डरना नहीं चाहिए ।

मुझ में इतनी कमियां क्यों है । इस बात को ओवरकम करने के कुछ टिप्स :-
- यदि आप हर बात को लेकर इनसिक्योर रहते हैं, तो इसके लिए आपको ध्यान करना चाहिए ।
- किताबें पढ़ कर भी आप अपने मन को ठीक रख सकते हैं ।
- खुद को कोई लक्ष्य दीजिए और उसमें खुद को डूबा दीजिए आत्मविश्वास खुद-ब-खुद आपके भीतर से फूट पड़ेगा ।
- यदि आप में वाकई में कोई कमी है, तो उस पर शर्मिंदा होने के बजाय उसे पर सुधार करें ।
- सकारात्मक सोच को अपने जीवन में सबसे पहला स्थान दें ।
- यदि आप किसी ऐसी जगह हो जहां पर आपका सम्मान नहीं हो रहा तो तुरंत आप उस जगह और लोगों से दूर हो जाइए ।
- रोज कैसा काम करें, जिसे करने से आपको डर लगता है इससे डर को लेकर जो भ्रम आपके भीतर बैठा है, वह आपसे दूर हो जाएगा ।
- अपने आप को सोशल मीडिया से दूर रखे । सोशल मीडिया की चमक-धमक अक्सर आपके भीतर एक असहजता पैदा कर देती है ।
- हर काम को शांति, धैर्य और सजकता के साथ करें ।
